मॉनसून सत्र से पहले झारखंड प्रदेश कांग्रेस विधायक दल कि बैठक

झारखंड राज्य

मॉनसून सत्र से पहले झारखंड प्रदेश कांग्रेस विधायक दल कि बैठक आज विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के डोरण्डा स्थित आवास पर सम्पन्न हुई।
विधायक दल की बैठक झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजेश ठाकुर की उपस्थिति एवं विधायक दल के नेता श्री आलमगीर आलम के नेतृत्व में हुई। बैठक में मंत्री रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख के अलावा पार्टी के सभी विधायक उपस्थित थे।

बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें खतियान आधारित स्थानीय नीति 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक एवं मणिपुर हिंसा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य की प्रगति, उन्नति के लिए कटिबद्ध है, हम जो कहते हैं वह करते है। यहां की जनता से जो मैंने वादा किया था उस वादे को पूरा करने में कामयाब हुए हैं। हमारी पार्टी और सरकार ने पूर्व में खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक को सदन से पारित कराकर राजभवन भेजा गया था, लेकिन इन विधेयकों को लेकर तत्कालीन राज्यपाल के स्तर से कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज़ करते हुए वापस लौटा दिया था। हमारी मंशा साफ है कि राज्य की जनता को सुरक्षा, ओबीसी आरक्षण एवं ऐसी नीति हो जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिले उसी रास्ते पर कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में सदन के अंदर मणिपुर की हिंसा को लेकर कांग्रेस पार्टी विरोध करेगी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के नेता केवल आदिवासी की बात करते हैं, मणिपुर में भाजपा की सरकार के छत्रछाया में आदिवासियों के ऊपर अत्याचार होता रहा, लेकिन झारखंड के आदिवासी नेता आदिवासियों के हित में एक शब्द भी नहीं बोले। कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में भाजपा के नेता के द्वारा एक आदिवासी युवक के सर के ऊपर पेशाब करने का भी वीडियो वायरल हुआ था जिससे इंसानियत शर्मसार हुई थी। आदिवासियों के ऊपर भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता के द्वारा अत्याचार हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी पार्टी का एक-एक नेता एवं कार्यकर्ता आदिवासियों की सुरक्षा एवम उनके सहयोग के लिए खड़ा रहेगा।

विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि हम मॉनसून सत्र में सदन से एक बार फिर खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मोबी लिंचिंग निवारण विधेयक को पास कराकर राजभवन भेजेंगे। यह तीनों मुद्दे ऐसे हैं जिसे झारखंड का भावनात्मक लगाव है, हम इन तीनों मुद्दों को जल्द से जल्द राज्य में लागू करना चाहते हैं। हमारी सरकार की इच्छा को झारखंड के लोग जानते हैं कि हमने पूर्व में ही इन तीनों मुद्दों को सदन से पास कराकर राजभवन भेजे थे लेकिन राजभवन ने मंजूरी नहीं दिया। यह तीन ऐसे मुद्दे हैं जिससे झारखंड की जनता की तरक्की, सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। ओबीसी आरक्षण के लिए कांग्रेस पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक अपनी बातों को स्पष्ट रुप से रखा है। हम चाहते हैं कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण जितना जल्द हो सके मिले। हम यह भी चाहते हैं कि मोब लिंचिंग कानून जल्द से जल्द लागू हो, स्थानीय नीति बने, इन सब सारे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी एवम सरकार बहुत गंभीर है।

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